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Message from Director General

महानिदेशक का संदेश

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की प्रकृति के अनुरूप हमारा पिछला वर्ष गतिशील, राष्ट्रीय सम्मेलनों, सभाओं और कार्यशालाओं के आयोजनों से परिपूर्ण रहा। ब्यूरो ने जाँच अधिकारियों के प्रमुखों का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन, ट्रैफिक टैक्नोलॉजी पर पाँचवा राष्ट्रीय सम्मेलन, राष्ट्रीय पुलिस मिशन का चौथा राष्ट्रीय सम्मेलन, कारागारों के प्रमुखों का आठवाँ राष्ट्रीय सम्मेलन तथा 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का सफल आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों/संघ-राज्य क्षेत्रों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं केंद्रीय पुलिस संगठनों के बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी व जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कार्मिक शामिल हुए, जिन्होंने इन मंचों पर साझा किये गये विचारों तथा प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपने ज्ञान, कौशल द्वारा समस्याओं का समाधान एवं निदान पाया।
गत वर्ष की अन्य प्रमुख उल्लेखनीय उपलब्धियों में देश भर में आयोजित होने वाली बहुप्रतिष्ठित जी-20 की विभिन्न बैठकों एवं सम्मेलनों को सुरक्षा प्रदान करने वाले कार्मिकों को ब्यूरो द्वारा प्रशिक्षण प्रदान करना है। ब्यूरो ने यह महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व अपने वार्षिक प्रशिक्षण कैलेण्डर में दिये गए निर्धारित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ पूरा किया। प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक अन्य उपलब्धि यह रही कि ब्यूरो के सभी संस्थानों जैसे – केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल एवं केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान, गाजियाबाद, जयपुर, चंडीगढ़, हैदराबाद और कोलकाता ने Capacity Building Commission (CBC) से अति उत्कृष्ट से लेकर उत्तम श्रेणी की ग्रेडिंग प्राप्त की और संभवतः ब्यूरो ने देश का पहला ऐसा संगठन बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसके सभी प्रशिक्षण संस्थान National Accreditation Board of Education and Training (NABET) मानक से परिपूर्ण हैं।
पुलिस प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक अन्य बहुमूल्य प्रयास के तहत केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान, बेंगलुरु का संचालन अस्थाई व्यवस्था के अंतर्गत प्रारंभ किया गया है एवं 2 अन्य केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान, जिन्हें अगरतला एवं श्रीनगर में स्थापित किया जाना है, उनके लिए भूमि अर्जन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि वर्ष 2024 की प्रथम छमाही तक ये संस्थान भी मूल रूप में पुलिस बलों के क्षमता निर्माण में सक्रिय सहयोग दे पाएंगे। ब्यूरो की सभी उपलब्धियों को सीमित शब्दों में बताना संभव नहीं है, लेकिन यदि मैं विगत वर्ष आरंभ की गई ‘सजग भारत’ एवं ‘Vigilant India’ पत्रिका के प्रकाशन का जिक्र न करूं तो यह संदेश अधूरा होगा जिसके तहत ब्यूरो ने गृह मंत्रालय के सभी प्रभागों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं केंद्रीय पुलिस संगठनों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रकाशित कर, ई-सम्पर्क के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया है। यहाँ यह उल्लेख करना भी प्रासंगिक है कि हमारी इस पत्रिका को सभी प्रकार के पाठकों का प्यार एवं आशीर्वाद मिल रहा है।
मैं ब्यूरो के अधिकारियों एवं कार्मिकों के समक्ष माननीय केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के ब्यूरो के लिए दिये गए विज़न को भी याद करना चाहूंगा जिसमें उन्होंने कहा था कि “बीपीआरएण्डडी के बग़ैर अच्छे पुलिसिंग की कल्पना नहीं हो सकती।” नव वर्ष में हमें इसी व़िजन को और आगे लेकर चलना है। देश के पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं केंद्रीय पुलिस संगठनों की उचित क्षमता निर्माण, प्रासंगिक अध्ययन, अनुसंधान एवं समाधान, परंपरा के साथ आधुनिकीकरण, पैदल सैनिकों के साथ तकनीकी, बातचीत के साथ-साथ कम से कम शक्ति के प्रयोग के मूल मंत्र के साथ हमारे पुलिस बल एक जनतांत्रिक स्तंभ बनेंगे और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के शब्दों में स्मार्ट पुलिसिंग के क्षेत्र में जो संकल्पना उन्होंने हमें दी है उसे हम धरातल पर उतार पाएंगे। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ब्यूरो को जिस श्रेणी का अधिदेश दिया गया है और ब्यूरो की उपयोगिता को देखते हुए कार्य क्षेत्र का विस्तार किया गया है, उसके अनुरूप हमारे पास पर्याप्त साधन नहीं है, किन्तु मुझे पूर्ण विश्वास है कि ब्यूरो के अधिकारी एवं कार्मिक अपने प्रयास, नई सोच, नई पहल और तकनीक के प्रयोग के साथ इन कार्यों को पूर्ण करते हुए ब्यूरो की 54वें वर्ष की यात्रा को और गति देकर उत्कृष्टता की ओर ले जाएंगे।
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ।
बालाजी श्रीवास्तव, भा.पु.से.

महानिदेशक, बीपीआरडी